||श्री सिद्धि विनायक नामावलि ||
ॐ विनायकाय नमः |
ॐ विघ्नराजाय नमः |
ॐ गौरीपुत्राय नमः |
ॐ गणेश्वराय नमः |
ॐ स्कन्दाग्रजाय नमः |
ॐ अव्ययाय नमः |
ॐ पूताय नमः |
ॐ दक्षाध्यक्ष्याय नमः |
ॐ द्विजप्रियाय नमः |
ॐ अग्निगर्भच्छिदे नमः |
ॐ इंद्रश्रीप्रदाय नमः |
ॐ वाणीबलप्रदाय नमः |
ॐ सर्वसिद्धिप्रदायकाय नमः |
ॐ शर्वतनयाय नमः |
ॐ गौरीतनूजाय नमः |
ॐ शर्वरीप्रियाय नमः |
ॐ सर्वात्मकाय नमः |
ॐ सृष्टिकर्त्रे नमः |
ॐ देवानीकार्चिताय नमः |
ॐ शिवाय नमः |
ॐ शुद्धाय नमः |
ॐ बुद्धिप्रियाय नमः |
ॐ शांताय नमः |
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः |
ॐ गजाननाय नमः |
ॐ द्वैमातुराय नमः |
ॐ मुनिस्तुत्याय नमः |
ॐ भक्त विघ्न विनाशनाय नमः |
ॐ एकदंताय नमः |
ॐ चतुर्बाहवे नमः |
ॐ शक्तिसंयुताय नमः |
ॐ चतुराय नमः |
ॐ लंबोदराय नमः |
ॐ शूर्पकर्णाय नमः |
ॐ हेरंबाय नमः |
ॐ ब्रह्मवित्तमाय नमः |
ॐ कालाय नमः |
ॐ ग्रहपतये नमः |
ॐ कामिने नमः |
ॐ सोमसूर्याग्निलोचनाय नमः |
ॐ पाशांकुशधराय नमः |
ॐ छन्दाय नमः |
ॐ गुणातीताय नमः |
ॐ निरंजनाय नमः |
ॐ अकल्मषाय नमः |
ॐ स्वयंसिद्धार्चितपदाय नमः |
ॐ बीजापूरकराय नमः |
ॐ अव्यक्ताय नमः |
ॐ गदिने नमः |
ॐ वरदाय नमः |
ॐ शाश्वताय नमः |
ॐ कृतिने नमः |
ॐ विद्वत्प्रियाय नमः |
ॐ वीतभयाय नमः |
ॐ चक्रिणे नमः |
ॐ इक्षुचापधृते नमः |
ॐ अब्जोत्पलकराय नमः |
ॐ श्रीधाय नमः |
ॐ श्रीहेतवे नमः |
ॐ स्तुतिहर्षताय नमः |
ॐ कलाद्भृते नमः |
ॐ जटिने नमः |
ॐ चन्द्रचूडाय नमः |
ॐ अमरेश्वराय नमः |
ॐ नागयज्ञोपवीतिने नमः |
ॐ श्रीकांताय नमः |
ॐ रामार्चितपदाय नमः |
ॐ वृतिने नमः |
ॐ स्थूलकांताय नमः |
ॐ त्रयीकर्त्रे नमः |
ॐ संघोषप्रियाय नमः |
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः |
ॐ स्थूलतुण्डाय नमः |
ॐ अग्रजन्याय नमः |
ॐ ग्रामण्ये नमः |
ॐ गणपाय नमः |
ॐ स्थिराय नमः |
ॐ वृद्धिदाय नमः |
ॐ सुभगाय नमः |
ॐ शूराय नमः |
ॐ वागीशाय नमः |
ॐ सिद्धिदाय नमः |
ॐ दूर्वाबिल्वप्रियाय नमः |
ॐ कान्ताय नमः |
ॐ पापहारिणे नमः |
ॐ कृतागमाय नमः |
ॐ समाहिताय नमः |
ॐ वक्रतुण्डाय नमः |
ॐ श्रीप्रदाय नमः |
ॐ सौम्याय नमः |
ॐ भक्ताकांक्षितदाय नमः |
ॐ अच्युताय नमः |
ॐ केवलाय नमः |
ॐ सिद्धाय नमः |
ॐ सच्चिदानंदविग्रहाय नमः |
ॐ ज्ञानिने नमः |
ॐ मायायुक्ताय नमः |
ॐ दन्ताय नमः |
ॐ ब्रह्मिष्ठाय नमः |
ॐ भयावर्चिताय नमः |
ॐ प्रमत्तदैत्यभयदाय नमः |
ॐ व्यक्तमूर्तये नमः |
ॐ अमूर्तये नमः |
ॐ पार्वतीशंकरोत्संगखेलनोत्सवलालनाय नमः |
ॐ समस्तजगदाधाराय नमः |
ॐ वरमूषकवाहनाय नमः |
ॐ हृष्टस्तुताय नमः |
ॐ प्रसन्नात्मने नमः |
ॐ सर्वसिद्धिप्रदायकाय नमः |
||इति श्रीसिद्धिविनायकाष्टोत्तरशतनामावलिः ||
पृष्ठ
अभिलेख
visitors
-
Blog Stats
- 94,568 hits
-
Recent Posts
-
हाल ही की टिप्पणियाँ
- Bhavik on देवी कवच/चण्डी कवच
- Lalit Mehta on श्री-कृष्ण-सहस्त्रनाम-स्तोत्र
- sanjay kumar on श्री कालभैरवाष्टकं
- sanjay kumar on देवी कवच/चण्डी कवच
- Supriya on वाल्मीकि द्वारा श्रीगणेश का स्तवन
-
Top Posts
Total Posta
गणपति अथर्वशीर्ष, देवी कवच, श्री कालभैरवाष्टकं, दुर्गासहस्रनामस्तोत्रम्, वाल्मीकि द्वारा श्रीगणेश का स्तवन, शनिवज्रपंजरकवचम्, शनैश्चरस्तवराजः, शनैश्चरस्तोत्रम्, ऋणमोचकमङ्गलस्तोत्रम्, अङ्गारक अष्टोत्तर शतनामावलि, चन्द्र अष्टोत्तरशतनामावलिः , बुध अष्टोत्तरशतनामवलिः, शुक्र अष्टोत्तरशतनामावलिः , केतु१०८, द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम्, श्रीविश्वनाथाष्टकं, श्री वैद्यनाथाष्टकम्, शिवाष्टकं, गुरु अष्टोत्तरशतनामावलिः , श्री सिद्धि विनायक नामावलि, श्री विनायक अष्टोत्तरशत नामावली

One Comment
“jai shree ganesh”
aaj roj internet uper “ganpatimaharaj” na namni -namavali jani khubaj harsh anubhav thayou,
jena nam leva thi tamam sankat dur thai jai ane shubh kary karva ma jenu pratham nam smaran thay chhe teva “vighn vinayak dev ne vandan kari aaj na kam ni saruaat karu chhu,
shantilal thacker